Saturday, 29 March 2014

जय हो भोलेनाथ जय हो भंडारी


जय हो भोलेनाथ जय हो भंडारी
जय हो कैलाश पति जय त्रिपुरारी

दुखियो के तूने है काज सवाँरे
जो भी है आया भगवन तेरे द्वारे
कर दिया कल्याण पिता कल्याण कारी
जय हो भोलेनाथ जय हो भंडारी

तेरी जटाओ मैं गंगा का पानी
गंगा के पानी मैं शक्ति रूहानी
मस्तक का चंद्रमा पीड़ा हरे सारी
जय हो भोलेनाथ जय हो भंडारी

तन पे बभूत रमे नागो की माला
दो नैनो में मस्ती तीसरी में ज्वाला
दर्शनों की भीख मांगे तेरे भिखारी
जय हो भोलेनाथ जय हो भंडारी

हंस हंस के धरती का विष पीने वाले
महादेव नीलकंठ जगसे निराले
सृष्टि यह गाये महिमा तुम्हारी
जय हो भोलेनाथ जय हो भंडारी

मेरा रोम रोम बोले हर हर महादेव भोले


मेरा रोम रोम बोले, हर हर महादेव भोले
हर हर महादेव भोले, हर हर महादेव भोले

भक्तन के रक्वाले तुमरी महिमा अपरम्पार
शरण जो आए उसकी नैया पार हो बिन पतवार
तुम चाहो तो गूगा गाए अँध नयन खोले
हर हर महादेव भोले...

बिगड़े काम बनाने वाले तुम हो दीनदयाला
मन चाह फल पाए तुमरी पूजा करना वाला
उसके सारे पाप कटे जो शंकर का होले
हर हर महादेव भोले...

सुन ले रे भोले ये बात हमारी


सुन ले रे भोले ये बात हमारी, भोले भंग पियोगे या दम लगाओगे
भोले भंग पियोगे या दम लगाओगे, भोले भंग पियोगे या दम लगाओगे

भोले के माथे पे चंदा विराजे
भोले की जटों में गंगा विराजे
हाथ डमरू साजे रे
भंग पियो रे

भोले के गल में नाग विराजे
भोले के कानो में कुंडल है साजे
तन मृगशाला साजी रे
भंग पियो रे

भोले के संग में गौरा विराजे
भोले की गोदी में गणपति साजे
नंदी चरनी बैठा रे
भंग पियो रे

दर का भिखारी शम्बू मुझे ठुकराना ना


दर दा भिखारी शम्बू, मैनू ठुकरावीं ना ।
जग ने रुलाया शम्बू, तू वी रुलावी ना ॥

चाँद ते सितारे तेरी आरती उतारदे,
गांदे ने गीत भोले नित्त तेरे प्यार दे ।
दासां तो उदास होके, दर तों उठावी ना,
जग ने रुलाया शम्बू, तू वि रुलावी ना ॥

धी पुत्त सो सो गलतीयां करदे,
माँ बाप ज़रा वी ना वलवला करदे ।
गलतियाँ मेरिया नु, दिल ते लावी ना,
जग ने रुलाया शम्बू, तू वि रुलावी ना ॥

तेरा दर छोड़ के कहदे दर जावां,
जग है पराया, किसे अपना बनावा ।
सारे दर के छोड़ के मैं तेरा दर मलेआ,
जग ने रुलाया शम्बू, तू वि रुलावी ना ॥

बिगड़ी मेरी बना दो मेरे बाबा भोले भाले


बिगड़ी मेरी बना दो, दुःख दर्द सब मिटादो,
दुःख सब के हरने वाले, मेरे बाबा भोले भाले।
मेरे शम्बू भोले भाले, मेरे बाबा भोले भाले॥

कोई भूल हो गयी हो, मेरे स्वामी माफ़ करना।
सेवक हैं हम तो तेरे, तुम दाता हो हमारे॥

दुःख संकटों से बाबा मुश्किल में घिर रहा हूँ।
शम्भू मुझे बचालो, मैं शरण में तुम्हारी॥

विषपान कर के तुने देवों को था बचाया।
कृपा का दान देकर, निर्बल को बचालो॥

सदीओं से मेरे बाबा, द्वारे तेरे पड़ा हूँ।
गोदी में अब उठालो, पड़ा चरणों में तुम्हारे॥

हे महादेव मेरी लाज रहे


हे महादेव मेरी लाज रहे |
मेरी लाज रहे, तेरा राज रहे ||

जहर कंठ में, नाग गले में, आग नयन में,
फिर भी अमृत तुम्ही लुटाते, इस त्रिभुवन में |
आज भगत पर भीड़ पड़ी है, फिर तुम कहाँ विराज रहे ||

नाथ बता दो इस मन्दिर में, विश्वनाथ हो,
आज दिखा दो कोई ना जिसका, उसके साथ हो |
रही गरीबी भगतो की फिर, कैसे गरीब निवाज रहे ||

भेट धरुं क्या, राम भक्त से, रामायण लो,
नारायण की अमर कथा को, नारायण लो |
राम सखा तुम, राम दास मै, कुछ तो नाथ लिहाज रहे ||

शंकर मेरे कब होंगे दर्शन तेरे


ओ शंकर मेरे कब होंगे दर्शन तेरे |
जीवन पथ पर, शाम सवेरे छाए है घनघोर अँधेरे ||


मै मूरख तू अंतरयामी,
मै सेवक तू मेरा स्वामी |
काहे मुझ से नाता तोडा,
मन छोड़ा, मन्दिर भी छोड़ा,
कितनी दूर लगाये तूने जा कैलाश पे डेरे ||

तेरे द्वार पे जोत जगाते,
युग बीते तेरे गुण गाते |
ना मांगू मैं हीरे मोती,
मांगू बस थोड़ी सी ज्योति |
खली हाथ ना जाऊंगा मैं,
दाता द्वार से तेरे ||