| जय हो भोलेनाथ जय हो भंडारी |
| जय हो कैलाश पति जय त्रिपुरारी |
| दुखियो के तूने है काज सवाँरे |
| जो भी है आया भगवन तेरे द्वारे |
| कर दिया कल्याण पिता कल्याण कारी |
| जय हो भोलेनाथ जय हो भंडारी |
| तेरी जटाओ मैं गंगा का पानी |
| गंगा के पानी मैं शक्ति रूहानी |
| मस्तक का चंद्रमा पीड़ा हरे सारी |
| जय हो भोलेनाथ जय हो भंडारी |
| तन पे बभूत रमे नागो की माला |
| दो नैनो में मस्ती तीसरी में ज्वाला |
| दर्शनों की भीख मांगे तेरे भिखारी |
| जय हो भोलेनाथ जय हो भंडारी |
| हंस हंस के धरती का विष पीने वाले |
| महादेव नीलकंठ जगसे निराले |
| सृष्टि यह गाये महिमा तुम्हारी |
| जय हो भोलेनाथ जय हो भंडारी |
Saturday, 29 March 2014
जय हो भोलेनाथ जय हो भंडारी
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