| शंकर मेरा प्यारा, शंकर मेरा प्यारा । |
| माँ री माँ मुझे मूरत ला दे, शिव शंकर की मूरत ला दे, |
| मूरत ऐसी जिस के सर से निकले गंगा धरा ॥ |
| माँ री माँ वो डमरू वाला, तन पे पहने मृग की छाला । |
| रात मेरे सपनो में आया, आ के मुझ को गले लगाया । |
| गले लगा कर मुझ से बोला, मैं हूँ तेरा रखवाला ॥ |
| माँ री माँ वो मेरा स्वामी, मैं उस के पट की अनुगामी । |
| वो मेरा है तारण हारा, उस से मेरा जग उजारा । |
| है प्रभु मेरा अन्तर्यामी, सब का है वो रखवाला ॥ |

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